dil mera ghabraata hai

dil mera ghabraata hai 

jab jab dur wo jata hai 


wo patthar barsate hain 

kaun unhen bahkata hai 


dil mein kabutar uDte hain 

jab bhi nazar tu aata hai 


wo har dam ignore kare 

itna kyon taDpata hai 


kah ke mujh ko harjai 

aaj talak pachhtata hai 

دل میرا گھبراتا ہے 

جب جب دور وہ جاتا ہے 


وہ پتھر برساتے ہیں 

کون انہیں بہکاتا ہے 


دل میں کبوتر اڑتے ہیں 

جب بھی نظر تو آتا ہے 


وہ ہر دم اگنور کرے 

اتنا کیوں تڑپاتا ہے 


کہہ کے مجھ کو ہرجائی 

آج تلک پچھتاتا ہے 

दिल मेरा घबराता है 

जब जब दूर वो जाता है 


वो पत्थर बरसाते हैं 

कौन उन्हें बहकाता है 


दिल में कबूतर उड़ते हैं 

जब भी नज़र तू आता है 


वो हर दम इग्नोर करे 

इतना क्यों तड़पाता है 


कह के मुझ को हरजाई 

आज तलक पछताता है 


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