tumko chhoDa to aisa laga jaise KHud se alag ho gae

tum ko chhoDa to aisa laga jaise KHud se alag ho gae 

ek manzil ko jate hue apne raste alag ho gae 


bas isi baat se gham-zada bas isi baat ka dukh hamein 

dusron se yun milte hue mere apne alag ho gae 


kuchh siyasat se toDe gae kuchh ko sazish ne bahka diya 

ek man ke hain jae sabhi aaj kitne alag ho gae 


raat ki samt dekho nahin nind us din se aai nahin 

jab se walid ke hi samne us ke beTe alag ho gae 


bas yahi haal hoga tera bas yahi haal hoga mera 

jaise ek peD ki shaKH se us ke patte alag ho gae 

تم کو چھوڑا تو ایسا لگا جیسے خود سے الگ ہو گئے 

ایک منزل کو جاتے ہوئے اپنے رستے الگ ہو گئے 


بس اسی بات سے غم زدہ بس اسی بات کا دکھ ہمیں 

دوسروں سے یوں ملتے ہوئے میرے اپنے الگ ہو گئے 


کچھ سیاست سے توڑے گئے کچھ کو سازش نے بہکا دیا 

ایک ماں کے ہیں جائے سبھی آج کتنے الگ ہو گئے 


رات کی سمت دیکھو نہیں نیند اس دن سے آئی نہیں 

جب سے والد کے ہی سامنے اس کے بیٹے الگ ہو گئے 


بس یہی حال ہوگا تیرا بس یہی حال ہوگا میرا 

جیسے ایک پیڑ کی شاخ سے اس کے پتے الگ ہو گئے 

तुम को छोड़ा तो ऐसा लगा जैसे ख़ुद से अलग हो गए 

एक मंज़िल को जाते हुए अपने रस्ते अलग हो गए 


बस इसी बात से ग़म-ज़दा बस इसी बात का दुख हमें 

दूसरों से यूँ मिलते हुए मेरे अपने अलग हो गए 


कुछ सियासत से तोड़े गए कुछ को साज़िश ने बहका दिया 

एक माँ के हैं जाए सभी आज कितने अलग हो गए 


रात की सम्त देखो नहीं नींद उस दिन से आई नहीं 

जब से वालिद के ही सामने उस के बेटे अलग हो गए 


बस यही हाल होगा तेरा बस यही हाल होगा मेरा 

जैसे एक पेड़ की शाख़ से उस के पत्ते अलग हो गए 


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